
ड्रिप सिंचाई में पाइप और ड्रिपर से पौधे के जड़ क्षेत्र के पास नियंत्रित मात्रा में पानी दिया जाता है। यह व्यवस्था कितनी उपयोगी होगी, इसका निर्णय फसल, पानी, खेत के आकार और रखरखाव के आधार पर करें। हर खेत में एक समान पानी बचने या मुनाफा बढ़ने की गारंटी नहीं है।
लगाने से पहले खेत का सर्वे
विक्रेता को फसल और पौधों की दूरी, सिंचित क्षेत्र, पानी का स्रोत और उपलब्ध बिजली की जानकारी दें। प्रस्ताव में पाइप की लंबाई, ड्रिपर की दूरी, फिल्टर, आवश्यक दबाव और उपकरणों का विवरण लिखवाएँ। केवल प्रति एकड़ कीमत से दो अलग डिजाइनों की तुलना न करें।
खर्च का पूरा हिसाब
- प्रारंभिक खर्च: उपकरण, फिटिंग और स्थापना।
- चलाने का खर्च: पानी उठाने की ऊर्जा और नियमित देखभाल।
- बाद का खर्च: फिल्टर, ड्रिपर, क्षतिग्रस्त पाइप और मरम्मत।
- सेवा: खराबी पर सहायता, वारंटी और स्थानीय पुर्जों की उपलब्धता।
अनुदान की संभावना को मंजूर राशि न मानें। खरीद से पहले कृषि या उद्यान विभाग से वर्तमान पात्रता, आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया जाँचें। आवेदन, स्वीकृति और बिल की प्रतियाँ सुरक्षित रखें।
रखरखाव की उपयोगी जाँच
फिल्टर की सफाई, पाइप में रिसाव और ड्रिपर का प्रवाह नियमित देखें। कहीं पौधे सूखे और कहीं बहुत गीले हों तो सिंचाई का समय बढ़ाने से पहले व्यवस्था की जाँच कराएँ। उर्वरक मिलाने या सफाई के लिए किसी रसायन का उपयोग उपकरण और कृषि विशेषज्ञ के निर्देश के अनुसार ही करें।
अपने खेत में परिणाम दर्ज करें
सिंचाई की तारीख, चलने का समय, पानी की उपलब्धता और मरम्मत खर्च लिखें। पिछली व्यवस्था से तुलना में फसल और मौसम का फर्क भी शामिल करें। केवल उत्पादन बढ़ने को ड्रिप का परिणाम मानना पर्याप्त नहीं है।
आधिकारिक संदर्भ: कृषि मंत्रालय का सूक्ष्म सिंचाई संबंधी विवरण विभिन्न कृषि परिस्थितियों में दक्षता की जानकारी देता है।





