
कृषि ड्रोन का उपयोग खेत की निगरानी और कुछ प्रकार के छिड़काव में किया जाता है। कैमरे से खेत देखना और किसी दवा का ड्रोन से छिड़काव करना अलग सेवाएँ हैं। सेवा लेने से पहले किसान को काम, उपकरण और कुल खर्च स्पष्ट करना चाहिए।
छिड़काव से पहले क्या जाँचें?
कृषि मंत्रालय ने 21 दिसंबर 2021 को ड्रोन से कीटनाशक और पोषक तत्वों के इस्तेमाल के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की थी। इसका उद्देश्य प्रभावी और सुरक्षित संचालन है। यह सूचना हर दवा को हर फसल पर ड्रोन से डालने की अनुमति नहीं है। संबंधित फसल, उत्पाद के निर्देश और लागू संचालन शर्तों की पुष्टि प्रशिक्षित सेवा प्रदाता तथा कृषि विभाग से करें।
सेवा प्रदाता से लिखित जानकारी लें
- कौन-सा काम होगा: केवल तस्वीरें, खेत का सर्वे या छिड़काव?
- दर प्रति एकड़ है या पूरे काम की? परिवहन, दवा और पानी किसके खर्च में हैं?
- फसल, क्षेत्रफल, दवा का नाम और स्वीकृत मात्रा किस रिकॉर्ड में दर्ज होगी?
- मौसम अनुकूल न होने पर काम कब टलेगा और भुगतान का क्या प्रावधान होगा?
- छिड़काव के बाद कोई हिस्सा छूटे या समस्या आए तो शिकायत किससे करें?
खरीद और किराये की तुलना
स्वयं ड्रोन खरीदने के प्रस्ताव में उपकरण के साथ प्रशिक्षण, रखरखाव, मरम्मत, बैटरी और उपलब्ध काम का हिसाब जोड़ें। किराये के प्रस्ताव में प्रति खेत पूरा खर्च देखें। किसी दूसरे जिले में सेवा होने से खाजूवाला में उसी दर या तारीख पर सेवा मिलना तय नहीं होता।
निगरानी के परिणाम कैसे समझें?
तस्वीर में कमजोर दिख रहा हिस्सा आगे जाँच का संकेत है। केवल तस्वीर के आधार पर रोग का नाम या दवा तय न करें; खेत में लक्षण की पुष्टि करवाएँ। समय या लागत की बचत और उत्पादन बढ़ने का कोई निश्चित प्रतिशत इस लेख में नहीं दिया जा रहा है।
आधिकारिक संदर्भ: कृषि मंत्रालय: ड्रोन के सुरक्षित उपयोग की SOP। सेवा लेने के समय लागू निर्देश अलग से जाँचें।





