
बीकानेर, 4 अगस्त 2026: स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU), बीकानेर ने ड्रोन प्रशिक्षण से जुड़ा नया अपडेट जारी किया है। कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग बढ़ने के साथ युवाओं, कृषि विद्यार्थियों और किसानों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण का महत्व भी बढ़ रहा है।
खेती में ड्रोन कहाँ उपयोगी हो सकता है?
उचित प्रशिक्षण और नियमों का पालन करते हुए ड्रोन का उपयोग फसल की निगरानी, खेत की तस्वीर लेने और कुछ परिस्थितियों में तरल उर्वरक या कृषि रसायन के समान छिड़काव के लिए किया जा सकता है। बड़े खेत में कम समय में निरीक्षण करने से किसान प्रभावित हिस्से की पहचान जल्दी कर सकते हैं।
समय और मजदूरी की बचत
परंपरागत छिड़काव में अधिक समय और शारीरिक मेहनत लग सकती है। प्रशिक्षित ऑपरेटर द्वारा ड्रोन का सुरक्षित उपयोग खेत के कुछ कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद कर सकता है। वास्तविक लाभ खेत का आकार, फसल, मौसम, मशीन की क्षमता और सेवा लागत पर निर्भर करेगा।
प्रशिक्षण क्यों जरूरी है?
- ड्रोन संचालन और उड़ान सुरक्षा की सही जानकारी मिलती है।
- बैटरी, नोजल, ऊँचाई और छिड़काव की मात्रा समझने में सहायता मिलती है।
- मौसम, हवा और आसपास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना सीखा जाता है।
- लागू सरकारी नियमों और अनुमति की जानकारी मिलती है।
इच्छुक अभ्यर्थी बैच की तारीख, शुल्क, पात्रता और सीटों की पुष्टि विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना से ही करें। बिना प्रशिक्षण और आवश्यक अनुमति के ड्रोन उड़ाने से बचें।





