
बारिश कम होने पर हर सिंचाई का सही समय और सही मात्रा तय करना खेती की लागत घटाने में मदद कर सकता है। उपाय को अपनी मिट्टी, फसल और उपलब्ध पानी के अनुसार अपनाएँ।
1. पानी की लीकेज पहले रोकें
टूटी पाइपलाइन, खुले नाले, ढीले जोड़ और खराब वाल्व पानी तथा बिजली दोनों की बर्बादी बढ़ाते हैं। सिंचाई से पहले इनकी जाँच करें।
2. मिट्टी में नमी बनाए रखें
फसल अवशेष, जैविक पदार्थ या उपयुक्त मल्च से मिट्टी की सतह ढकी रहने पर नमी अपेक्षाकृत अधिक समय तक टिक सकती है।
3. सही समय पर सिंचाई करें
तेज धूप में पानी देने की तुलना में सुबह या शाम सिंचाई करना कई खेतों में अधिक उपयोगी हो सकता है। खेत में खड़ी फसल और मिट्टी की नमी देखकर निर्णय लें।
4. फसल‑चक्र पर विचार करें
पानी सीमित हो तो स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार अपेक्षाकृत कम पानी वाली फसल या उपयुक्त किस्म का विकल्प समझें। बिना स्थानीय सलाह के फसल परिवर्तन न करें।
5. नमी देखकर ही पानी दें
केवल तय कैलेंडर के आधार पर सिंचाई करने के बजाय मिट्टी की नमी, मौसम और फसल की अवस्था देखकर पानी दें। जरूरत से अधिक सिंचाई रोग और लागत दोनों बढ़ा सकती है।
6. वर्षा जल का उपयोग बढ़ाएँ
जहाँ संभव हो, खेत‑तालाब, टांका या सुरक्षित जल‑संग्रह संरचना का रखरखाव करें। किसी निर्माण या अनुदान के लिए स्थानीय विभाग की तकनीकी सलाह एवं अनुमति लें।
यह जानकारी केवल मार्गदर्शन के लिए है। आवेदन, भुगतान, दावा, मौसम या प्रशासनिक निर्णय से पहले संबंधित विभाग की नवीनतम सूचना अवश्य देखें।




