
समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य रिकॉर्ड रखने से पशुपालक को पशु की देखभाल, उपचार‑इतिहास और अगली सलाह समझने में आसानी होती है। टीकाकरण का कार्यक्रम स्थानीय पशु चिकित्सक से ही तय करें।
रजिस्टर में क्या लिखें
- पशु की पहचान/टैग नंबर, नस्ल और उम्र
- टीकाकरण की तारीख, वैक्सीन का नाम और अगली नियत तारीख
- बीमारी के लक्षण, उपचार और पशु चिकित्सक की सलाह
- दूध उत्पादन, बछड़े/बछिया तथा प्रजनन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी
- दवा खरीद या उपचार की रसीद
बीमारी की आशंका हो तो
बीमार पशु को अलग रखने, साफ़ पानी देने और नज़दीकी पशु चिकित्सक को जल्दी सूचित करने पर ध्यान दें। बिना सलाह के एंटीबायोटिक, इंजेक्शन या मानव‑दवा न दें।
रिकॉर्ड का लाभ
रजिस्टर से यह समझना आसान होता है कि पहले कब टीकाकरण हुआ, कौन‑सी समस्या दोहराई, उपचार में क्या सलाह मिली और अगली जांच कब करनी है।
यह जानकारी केवल मार्गदर्शन के लिए है। आवेदन, भुगतान, दावा, मौसम या प्रशासनिक निर्णय से पहले संबंधित विभाग की नवीनतम सूचना अवश्य देखें।




