मुख्य बात: मलबे में चार घंटे फंसे नीरज और नितेश को रेस्क्यू टीम ने बचाया।
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद नीरज बावा और नितेश कई टन मलबे के नीचे फंस गए। करीब चार घंटे तक दोनों जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे। इसी दौरान गंभीर रूप से घायल नीरज ने अपने दोस्त वीर चतरथ को फोन कर कहा, ‘भाई, मैं मर रहा हूं।’ बाद में रेस्क्यू टीम ने दोनों को बाहर निकाला।
मुख्य बातें
- हादसे में 7 लोगों की जान गई और 12 लोग घायल हुए।
- नीरज और नितेश करीब 4 घंटे मलबे में फंसे रहे।
- दोनों का AIIMS में इलाज चल रहा है।
- नीरज की एक सर्जरी हो चुकी है और दूसरी की तैयारी है।
क्या हुआ
नितेश के अनुसार, हादसे से पहले दीवारों की तरफ से पानी जैसी आवाज आने लगी थी। उन्होंने पास के कमरे में मौजूद नीरज से इसके बारे में पूछा। नीरज के जवाब देने के करीब दो सेकेंड बाद इमारत गिर गई।
मुख्य जानकारी
नितेश मलबे और लेंटर के बीच बने छोटे गैप के कारण सांस ले पा रहे थे। नीरज को ज्यादा मलबे और धूल के कारण सांस लेने में परेशानी हो रही थी। नीरज ने अपने दोस्त को फोन किया और बाद में लाइव लोकेशन भी भेजी।
स्थानीय प्रभाव
हादसा सत्य निकेतन में हुआ, जहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। बगल के ‘कनक लता’ हॉस्टल की छात्राओं ने भी हादसे से पहले दीवारों और छत पर आई दरारों का वीडियो बनाया था।
लोगों के लिए जरूरी जानकारी
हादसे के घायलों में नीरज और नितेश शामिल हैं। दोनों का AIIMS में इलाज चल रहा है। नीरज की हालत गंभीर बताई गई है।
आगे क्या
नीरज की एक सर्जरी हो चुकी है और डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार उसकी एक और सर्जरी होगी।
निष्कर्ष
करीब चार घंटे मलबे में फंसे रहने के बाद नीरज और नितेश को रेस्क्यू किया गया। यह हादसा सात लोगों की जान ले चुका है और 12 लोग घायल हुए हैं।
FAQs
हादसा कहां हुआ?
हादसा दिल्ली के सत्य निकेतन में हुआ।
नीरज और नितेश कितनी देर मलबे में फंसे रहे?
दोनों करीब चार घंटे मलबे में फंसे रहे।
हादसे में कितने लोगों की जान गई?
हादसे में 7 लोगों की जान गई।
कितने लोग घायल हुए?
कुल 12 लोग घायल हुए।
नीरज और नितेश का इलाज कहां चल रहा है?
दोनों का AIIMS में इलाज चल रहा है।




