मुख्य बात: 11 सितंबर को 150 वार्डों में 723 प्रत्याशियों का फैसला करेंगे मतदाता।
जयपुर निगम चुनाव में प्रचार का दौर थम गया है और अब मतदाताओं के फैसले की बारी है। 11 सितंबर को 150 वार्डों में मतदान होगा, जहां 723 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतदाता करेंगे। पिछले चार चुनावों के मतदान प्रतिशत, भाजपा-कांग्रेस के बीच वोटों का अंतर और निर्दलीय प्रत्याशियों को मिले वोटों के आंकड़े इस चुनाव से पहले महत्वपूर्ण तस्वीर पेश कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- 11 सितंबर को 150 वार्डों में मतदान होगा।
- कुल 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
- मतदान के लिए 2,256 मतदान केंद्र होंगे।
- 150 वार्डों में 24.33 लाख मतदाता बताए गए हैं।
- पिछले दो चुनावों में निर्दलीयों को औसतन 22% वोट मिले।
क्या हुआ
जयपुर निगम चुनाव के लिए चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है। अब 11 सितंबर को मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। दिए गए आंकड़ों के अनुसार 2004 में 41.30%, 2009 में 51.80% और 2014 में 60% मतदान हुआ था। यानी इन तीन चुनावों में मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ा। हालांकि 2020 में ग्रेटर और हेरिटेज दो निगम बनने के बाद मतदान प्रतिशत 58.15% रहा और इसमें 1.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
मुख्य जानकारी
2020 में ग्रेटर और हेरिटेज निगम के कुल 250 वार्डों में चुनाव हुए थे। दोनों निगमों में कुल 21,61,561 मतदाताओं में से 12,56,332 ने मतदान किया। हेरिटेज में कांग्रेस को भाजपा से 30,777 वोट अधिक मिले, जबकि ग्रेटर में भाजपा ने कांग्रेस से 31,255 वोट ज्यादा हासिल किए।
ग्रेटर में भाजपा को 2,83,282 और कांग्रेस को 2,52,027 वोट मिले थे। हेरिटेज में भाजपा को 2,00,063 और कांग्रेस को 2,30,840 वोट मिले। दोनों निगमों को मिलाकर भाजपा और कांग्रेस के बीच केवल 478 वोटों का अंतर रहा। इसके मुकाबले 2014 में दोनों दलों के बीच करीब 1.50 लाख वोटों का अंतर था।
स्थानीय प्रभाव
निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा है। पिछले दो चुनावों में निर्दलीयों को औसतन 22% वोट मिले। वर्ष 2014 में निर्दलीयों के खाते में 20.87% और 2020 में 23.57% वोट गए। ऐसे में उपलब्ध पिछले आंकड़े बताते हैं कि भाजपा और कांग्रेस के साथ निर्दलीयों को मिलने वाले वोट भी चुनावी तस्वीर का अहम हिस्सा रहे हैं।
लोगों के लिए जरूरी जानकारी
11 सितंबर के मतदान के लिए 2,256 मतदान केंद्र होंगे। उपलब्ध विश्लेषण के अनुसार शहर में औसतन एक मतदान केंद्र पर 1,079 मतदाता हैं। विद्याधर नगर में प्रति बूथ सर्वाधिक 1,219 मतदाता हैं, जबकि बगरू में सबसे कम 981 मतदाता प्रति बूथ हैं। दोनों के बीच 238 मतदाताओं का अंतर है।
विद्याधर नगर, आमेर, सांगानेर, किशनपोल और हवामहल विधानसभा क्षेत्रों में प्रति बूथ मतदाताओं की संख्या शहर के औसत से अधिक बताई गई है।
आगे क्या
अब चुनावी प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण 11 सितंबर का मतदान है। 150 वार्डों के मतदाता 723 प्रत्याशियों के लिए अपना फैसला देंगे। पिछले चुनावों के मतदान प्रतिशत और बेहद करीबी वोट अंतर को देखते हुए मतदान के आंकड़ों पर भी नजर रहेगी।
निष्कर्ष
जयपुर निगम चुनाव में प्रचार समाप्त होने के बाद पूरा ध्यान मतदान पर है। पिछले चुनावों में मतदान प्रतिशत में बदलाव, भाजपा-कांग्रेस के बीच करीबी मुकाबला और निर्दलीयों को मिले उल्लेखनीय वोट इस चुनाव से पहले महत्वपूर्ण आंकड़े हैं। अंतिम फैसला अब मतदाताओं के मतदान से तय होगा।
FAQs
जयपुर निगम चुनाव में मतदान कब होगा?
मतदान 11 सितंबर को होगा।
कितने वार्डों में चुनाव हो रहा है?
कुल 150 वार्डों में मतदान होगा।
कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं?
कुल 723 प्रत्याशी मैदान में हैं।
मतदान के लिए कितने केंद्र होंगे?
नगर निगम चुनाव के लिए 2,256 मतदान केंद्र होंगे।
पिछले दो चुनावों में निर्दलीयों को कितने वोट मिले?
निर्दलीयों को पिछले दो चुनावों में औसतन 22% वोट मिले। 2014 में यह आंकड़ा 20.87% और 2020 में 23.57% था।




