BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग, PM मोदी से द्विपक्षीय बैठक की संभावना

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं। दौरे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक की संभावना जताई गई है।

मुख्य बात: गलवान हिंसा के बाद भारत में मोदी-जिनपिंग की पहली द्विपक्षीय बातचीत संभव।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। हालांकि, जिनपिंग के भारत आने की अभी दोनों देशों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। चीनी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में प्रस्तावित दौरे और बैठक पर नजर बनी हुई है।

मुख्य बातें

  • शी जिनपिंग के BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने की संभावना है।
  • PM नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हो सकती है।
  • जिनपिंग के भारत दौरे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
  • सीमा विवाद, व्यापार और आर्थिक रिश्ते भारत के एजेंडे में शामिल हैं।
  • इस साल BRICS की अध्यक्षता भारत कर रहा है।

क्या हुआ

BRICS शिखर सम्मेलन के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना सामने आई है। अगर इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होती है, तो जून 2020 की गलवान हिंसा के बाद भारत में दोनों नेताओं की यह पहली द्विपक्षीय बातचीत होगी। गलवान घाटी की झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। चीन ने बाद में अपने 4 सैनिकों की मौत की बात मानी थी।

मुख्य जानकारी

जिनपिंग आखिरी बार अक्टूबर 2019 में भारत आए थे। उस दौरान तमिलनाडु के महाबलीपुरम में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। हाल में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी 24 अगस्त को चीन गए थे। 25 अगस्त को उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर बातचीत की थी।

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के अलावा व्यापार और आर्थिक रिश्ते भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। भारत चीन के साथ अपने बड़े व्यापार घाटे को कम करना चाहता है। रेयर अर्थ मैगनेट और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे जरूरी सामान की सप्लाई में निर्भरता कम करने की कोशिश भी की जा रही है।

स्थानीय प्रभाव

यह मामला मुख्य रूप से भारत की विदेश नीति, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष स्थानीय क्षेत्र पर इसके सीधे प्रभाव का उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, BRICS में आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और सप्लाई चेन जैसे विषय भारत के एजेंडे में शामिल हैं।

लोगों के लिए जरूरी जानकारी

इस साल BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है। समूह में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया भी शामिल हैं। भारत की अध्यक्षता में अलग-अलग शहरों में बैठकें, मंत्रीस्तरीय सम्मेलन और विभिन्न स्तर की चर्चाएं हो रही हैं।

आगे क्या

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात शी जिनपिंग के भारत दौरे की आधिकारिक पुष्टि है। भारत का BRICS में फोकस ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, आतंकवाद से निपटने और सप्लाई चेन मजबूत करने पर है। जिनपिंग का दौरा तय होने और मोदी-जिनपिंग बैठक होने की स्थिति में दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की संभावना रहेगी।

निष्कर्ष

शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। यदि BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक होती है, तो गलवान हिंसा के बाद भारत में दोनों नेताओं के बीच यह पहली ऐसी बातचीत होगी।

FAQs

1. क्या शी जिनपिंग का भारत दौरा तय हो गया है?

नहीं। दोनों देशों ने अभी उनके भारत आने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

2. जिनपिंग भारत क्यों आ सकते हैं?

वे BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं।

3. क्या मोदी और जिनपिंग की बैठक हो सकती है?

हां, दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना बताई गई है।

4. जिनपिंग आखिरी बार भारत कब आए थे?

उन्होंने आखिरी बार अक्टूबर 2019 में भारत का दौरा किया था।

5. BRICS में भारत का प्रमुख फोकस क्या है?

भारत का फोकस ग्लोबल साउथ, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, आतंकवाद से निपटने और सप्लाई चेन मजबूत करने पर है।

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Sishpal Shyoran
Sishpal Shyoran

सिशपाल श्योराण KhajuwalaMandi.in के Founder और Editor हैं। वे खाजूवाला तथा आसपास के क्षेत्र के लिए मंडी भाव, कृषि समाचार, मौसम अपडेट, सरकारी योजनाओं और स्थानीय समाचारों पर काम करते हैं। प्रकाशन में उपलब्ध स्रोत, तारीख और स्थानीय संदर्भ को स्पष्ट रखने तथा अपुष्ट जानकारी को तथ्य की तरह प्रस्तुत न करने पर जोर दिया जाता है। पाठक किसी तथ्यात्मक त्रुटि, सुधार या स्रोत संबंधी जानकारी के लिए वेबसाइट के Contact Us पेज से संपर्क कर सकते हैं। वेबसाइट की रिपोर्टिंग प्रक्रिया Editorial Policy, Fact Checking Policy और Corrections Policy के अनुसार संचालित की जाती है।

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