उज्जैन में ‘खड़े हनुमान’ को लेकर बढ़ी हलचल, साध्वी हर्षानंद गिरि ने दिया 2 दिन का अल्टीमेटम

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के बीच खड़े हनुमान मंदिर और प्रतिमा को लेकर विवाद बढ़ गया है। साध्वी हर्षानंद गिरि ने मंदिर पहुंचकर पूजा की और सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद कई राज्यों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

मुख्य बात: खड़े हनुमान मंदिर पर बढ़ी भीड़, साध्वी ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के बीच सती गेट के पास स्थित खड़े हनुमान मंदिर और प्रतिमा को लेकर हलचल बढ़ गई है। मंदिर के आसपास का ज्यादातर हिस्सा हटाया जा चुका है और प्रतिमा फिलहाल टेंट में है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो और रील्स वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और अन्य स्थानों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन और भक्तों की ओर से प्रतिमा हटाने के प्रयास को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

  • साध्वी हर्षानंद गिरि ने मंदिर पहुंचकर पूजा की और कार्रवाई का विरोध किया।
  • उन्होंने सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है।
  • IIT इंदौर की टीम मंदिर में दोबारा जांच के लिए पहुंची है।
  • सोशल मीडिया पर वायरल रील्स के बाद कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
  • प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया।

क्या हुआ

सड़क चौड़ीकरण के लिए सती गेट के पास स्थित मंदिर को लेकर 4 सितंबर से कार्रवाई की चर्चा है। मंदिर के आसपास का ज्यादातर हिस्सा हटाया जा चुका है, जबकि हनुमान प्रतिमा अपनी जगह पर है। प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हुए हैं। इसी के बाद यह मामला श्रद्धालुओं और संतों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

मुख्य जानकारी

साध्वी हर्षानंद गिरि गुरुवार को खड़े हनुमान मंदिर पहुंचीं। उन्होंने पूजा करने के बाद प्रतिमा हटाने के प्रयासों का विरोध किया। उन्होंने प्रशासन से मंदिर पहुंचकर माफी मांगने, पूजा करने और मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लेने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर अनशन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी देते हुए सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया।

इस बीच IIT इंदौर की टीम मंदिर की जांच कर रही है। मुख्य पुजारी महेश बैरागी के अनुसार शुरुआत में प्रतिमा को सुरक्षित स्थानांतरित करने पर सशर्त सहमति दी गई थी, लेकिन संरचना को नुकसान की आशंका के चलते कार्रवाई रोक दी गई।

स्थानीय प्रभाव

मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। दिल्ली, नागपुर, राजस्थान और दूसरे स्थानों से आए श्रद्धालु महाकाल दर्शन के साथ खड़े हनुमान के दर्शन भी कर रहे हैं। युवाओं की संख्या भी बड़ी है और वे मंदिर पहुंचकर रील बना रहे हैं। संतों ने विकास कार्य के साथ प्रतिमा को इसी स्थान पर रखने के लिए वैकल्पिक समाधान तलाशने की मांग की है।

लोगों के लिए जरूरी जानकारी

जिला प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि श्रद्धालुओं की भावनाएं, प्रतिमा की सुरक्षा और उज्जैन की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत उसकी प्राथमिकता है। प्रशासन के अनुसार प्रतिमा को मशीन या मानवीय तरीके से हटाने का प्रयास नहीं किया गया। दूसरी ओर कुछ भक्तों का दावा है कि उनके पास इससे जुड़े वीडियो सबूत मौजूद हैं।

आगे क्या

अब विशेषज्ञ जांच और प्रशासन के अगले निर्णय पर नजर रहेगी। प्रतिमा का वर्तमान मुख दक्षिण दिशा की ओर है, जबकि तय किए गए दूसरे स्थान पर स्थापित होने की स्थिति में मुख उत्तर दिशा की ओर होने की बात कही गई है। श्रद्धालु इस बदलाव को लेकर भी आपत्ति जता रहे हैं।

निष्कर्ष

खड़े हनुमान मंदिर का मामला अब सड़क चौड़ीकरण के साथ आस्था और प्रतिमा की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन गया है। एक तरफ प्रशासन प्रतिमा हटाने के प्रयास से इनकार कर रहा है, वहीं भक्त वीडियो सबूत होने का दावा कर रहे हैं। साध्वी हर्षानंद गिरि के दो दिन के अल्टीमेटम के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है।

FAQs

खड़े हनुमान मंदिर कहां स्थित है?

दी गई जानकारी के अनुसार मंदिर उज्जैन में सती गेट के पास स्थित है।

साध्वी हर्षानंद गिरि ने क्या मांग की है?

उन्होंने प्रशासन से मंदिर पहुंचकर माफी मांगने, पूजा करने और मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लेने की मांग की है।

सरकार को कितने दिन का अल्टीमेटम दिया गया है?

साध्वी हर्षानंद गिरि ने सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है।

प्रशासन का प्रतिमा हटाने को लेकर क्या कहना है?

प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा को मशीन या मानवीय तरीके से हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है।

IIT इंदौर की टीम क्यों पहुंची?

प्रतिमा और मंदिर की स्थिति से जुड़े मामले में विशेषज्ञ जांच के लिए IIT इंदौर की टीम मंदिर पहुंची है।

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Sishpal Shyoran
Sishpal Shyoran

सिशपाल श्योराण KhajuwalaMandi.in के Founder और Editor हैं। वे खाजूवाला तथा आसपास के क्षेत्र के लिए मंडी भाव, कृषि समाचार, मौसम अपडेट, सरकारी योजनाओं और स्थानीय समाचारों पर काम करते हैं। प्रकाशन में उपलब्ध स्रोत, तारीख और स्थानीय संदर्भ को स्पष्ट रखने तथा अपुष्ट जानकारी को तथ्य की तरह प्रस्तुत न करने पर जोर दिया जाता है। पाठक किसी तथ्यात्मक त्रुटि, सुधार या स्रोत संबंधी जानकारी के लिए वेबसाइट के Contact Us पेज से संपर्क कर सकते हैं। वेबसाइट की रिपोर्टिंग प्रक्रिया Editorial Policy, Fact Checking Policy और Corrections Policy के अनुसार संचालित की जाती है।

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