मुख्य बात: विशेष गिरदावरी, बीमा क्लेम और सिंचाई पानी को लेकर किसान महापड़ाव पर डटे।
घड़साना में खरीफ फसल की विशेष गिरदावरी, फसल बीमा योजना में क्लेम भुगतान और सिंचाई पानी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने एसडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू कर दिया। खेत बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों और अन्य वाहनों से पहुंचे। अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद किसानों ने महापड़ाव जारी रखते हुए 16 सितंबर को प्रशासन ठप करने की चेतावनी दी।
मुख्य बातें
- एसडीएम कार्यालय के सामने किसानों का अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू।
- खरीफ फसल की विशेष गिरदावरी और फसल बीमा क्लेम की मांग।
- अनूपगढ़ शाखा का पानी रिजर्व करने की मांग उठाई गई।
- आईजीएनपी का छह माह का रेगुलेशन एक साथ जारी करने की मांग।
- वार्ता में सभी मांगों पर सहमति नहीं बनी।
- किसानों ने 16 सितंबर को प्रशासन ठप करने की चेतावनी दी।
क्या हुआ
खेत बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर हजारों किसान गुरुवार को घड़साना पहुंचे। अनूपगढ़, कूपली रोड, रावलामंडी, सखी, रोजड़ी रोड, रामसिंहपुर और खाजूवाला सहित विभिन्न क्षेत्रों से किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों तथा अन्य वाहनों में पहुंचे। किसानों ने पहले धानमंडी में करीब चार घंटे सभा की और इसके बाद एसडीएम कार्यालय की ओर रवाना हुए। किसान देर रात तक पड़ाव स्थल पर डटे हुए थे।
मुख्य जानकारी
किसानों की मांगों में सिंचाई पानी की कमी से प्रभावित खरीफ फसल की क्रॉप कटिंग करवाकर विशेष गिरदावरी, फसल बीमा योजना में क्लेम भुगतान, अनूपगढ़ शाखा का पानी रिजर्व करने और आईजीएनपी का छह माह का रेगुलेशन एक साथ जारी करना शामिल है। सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर हनुमानगढ़ प्रदीप रस्तोगी और एडिशनल चीफ इंजीनियर सुनील कटारिया के स्थानांतरण की मांग भी रखी गई।
किसानों के 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से वार्ता की। श्रीगंगानगर के एडीएम सुभाष कुमार ने क्रॉप कटिंग करवाकर पूरी गिरदावरी एक सप्ताह में करवाने का आश्वासन दिया। अन्य मांगों को जिला कलेक्टर और राज्य सरकार तक भेजकर समाधान करवाने की बात कही गई, लेकिन तीन मांगों पर सहमति नहीं बन पाई।
स्थानीय प्रभाव
किसानों के बड़ी संख्या में वाहनों से पहुंचने के कारण घड़साना में यातायात प्रभावित हुआ। करीब चार किलोमीटर लंबी वाहनों की रैली रही और कस्बे में करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी। कूपली चौक पर भी दोपहर 12:15 बजे से करीब पौने घंटे तक जाम रहा। यातायात बहाल करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
लोगों के लिए जरूरी जानकारी
महापड़ाव को देखते हुए किसान अपने साथ ट्रैक्टर-ट्रालियों में बिस्तर, खाने-पीने का सामान और कूलर-पंखे तक लेकर पहुंचे। सभा स्थल पर चाय और पेयजल की व्यवस्था भी की गई। किसानों ने आंदोलन में राजनीतिक दलों से दूरी बनाए रखी और किसी पार्टी नेता को मंच पर भाषण नहीं देने दिया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले के कई थानों की पुलिस तैनात रही।
आगे क्या
वार्ता में सभी मांगों का समाधान नहीं होने के कारण किसानों ने अनिश्चितकालीन महापड़ाव जारी रखने की घोषणा की है। किसानों ने चेतावनी दी कि 16 सितंबर को एसडीएम कार्यालय की चारों ओर से घेराबंदी कर प्रशासन ठप किया जाएगा। किसानों का कहना है कि सिंचाई पानी उपलब्ध कराने में सक्षम अधिकारियों से ही वार्ता की जाएगी।
निष्कर्ष
घड़साना में किसानों का आंदोलन अब अनिश्चितकालीन महापड़ाव में बदल गया है। विशेष गिरदावरी, बीमा क्लेम और सिंचाई पानी आंदोलन की प्रमुख मांगें हैं। प्रशासन की ओर से गिरदावरी को लेकर आश्वासन दिया गया है, लेकिन अन्य मांगों पर सहमति नहीं बनने से महापड़ाव जारी है।
FAQs
1. घड़साना में किसान महापड़ाव क्यों कर रहे हैं?
किसान विशेष गिरदावरी, फसल बीमा क्लेम, सिंचाई पानी और आईजीएनपी रेगुलेशन सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
2. प्रशासन ने गिरदावरी को लेकर क्या आश्वासन दिया?
एडीएम सुभाष कुमार ने क्रॉप कटिंग करवाकर पूरी गिरदावरी एक सप्ताह में करवाने का आश्वासन दिया।
3. क्या किसानों और प्रशासन की वार्ता सफल रही?
नहीं, वार्ता में किसानों की सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी और तीन मांगों पर सहमति नहीं बनी।
4. किसान 16 सितंबर को क्या करने की चेतावनी दे रहे हैं?
किसानों ने एसडीएम कार्यालय की चारों ओर से घेराबंदी कर प्रशासन ठप करने की चेतावनी दी है।
5. महापड़ाव में किसान किन क्षेत्रों से पहुंचे?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार अनूपगढ़, रामसिंहपुर, खाजूवाला, रावलामंडी और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से किसान घड़साना पहुंचे।




