मुख्य बात: वार्ता बेनतीजा रहने पर किसानों ने बेमियादी महापड़ाव जारी रखने का ऐलान किया।
घड़साना में खरीफ फसल की विशेष गिरदावरी, फसल बीमा क्लेम, अनूपगढ़ शाखा का पानी रिजर्व करने और सिंचाई व्यवस्था से जुड़ी मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। खेत बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से घड़साना पहुंचे और एसडीएम कार्यालय के सामने बेमियादी महापड़ाव शुरू कर दिया। अधिकारियों और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता में सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
मुख्य बातें
- खेत बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर किसानों ने बेमियादी महापड़ाव शुरू किया।
- किसानों ने घड़साना की धानमंडी में करीब चार घंटे सभा की।
- अधिकारियों और 21 सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल की वार्ता में तीन मांगों पर सहमति नहीं बनी।
- विशेष गिरदावरी एक सप्ताह में करवाने का आश्वासन दिया गया।
- किसानों ने 16 सितंबर को प्रशासन ठप करने की चेतावनी दी।
क्या हुआ
किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सुबह से घड़साना की धानमंडी में जुटने लगे। अनूपगढ़, रामसिंहपुर, खाजूवाला और रावलामंडी सहित विभिन्न क्षेत्रों से किसान पहुंचे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ क्रूजर, बसों, कारों और अन्य वाहनों में भी किसान आए। वाहनों की लंबी रैली के कारण घड़साना कस्बे में करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। कूमली चौक पर भी दोपहर करीब 12:15 बजे से पौने घंटे तक जाम की स्थिति रही।
मुख्य जानकारी
किसानों की प्रमुख मांगों में खरीफ फसल की क्रॉप कटिंग करवाकर विशेष गिरदावरी, फसल बीमा योजना के तहत क्लेम भुगतान, अनूपगढ़ शाखा का पानी रिजर्व करना और आईजीएनपी का छह माह का रेगुलेशन एक साथ जारी करना शामिल है। इसके साथ सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर हनुमानगढ़ प्रदीप रस्तोगी और एडिशनल चीफ इंजीनियर सुनील कटारिया के स्थानांतरण की मांग भी रखी गई।
प्रशासन के बुलावे पर किसानों का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल एसडीएम कार्यालय में वार्ता के लिए पहुंचा। वार्ता में श्रीगंगानगर एडीएम सुभाष कुमार ने क्रॉप कटिंग करवाकर पूरी गिरदावरी एक सप्ताह में करवाने का आश्वासन दिया। अन्य तीन मांगों के संबंध में जिला कलक्टर और राज्य सरकार को भेजकर समाधान करवाने की बात कही गई, लेकिन तीन मांगों पर सहमति नहीं बन पाई।
स्थानीय प्रभाव
किसानों की बड़ी संख्या और वाहनों की रैली के कारण घड़साना में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस को यातायात बहाल करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए रायसिंहनगर एडिशनल एसपी, अनूपगढ़ डीएसपी सहित जिले के कई थानों की पुलिस तैनात रही। एसटीएफ फोर्स भी उपखंड कार्यालय के समक्ष तैनात रही।
लोगों के लिए जरूरी जानकारी
किसान अनिश्चितकालीन पड़ाव की तैयारी के साथ पहुंचे हैं। कई किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बिस्तर, खाने-पीने का सामान, कूलर और पंखे तक लेकर आए। सभा स्थल पर चाय, पेयजल और मिनरल वाटर की व्यवस्था भी की गई। आंदोलन के दौरान किसान नेताओं ने राजनीतिक दलों से दूरी बनाए रखी और किसी पार्टी नेता को मंच पर स्थान नहीं दिया।
आगे क्या
वार्ता में सभी मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद किसानों ने बेमियादी महापड़ाव जारी रखने की घोषणा की है। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर 16 सितंबर को एसडीएम कार्यालय की चारों ओर से घेराबंदी कर पूरा प्रशासन ठप किया जाएगा।
निष्कर्ष
घड़साना में किसानों का आंदोलन अब बेमियादी महापड़ाव के रूप में जारी है। विशेष गिरदावरी को लेकर प्रशासन की ओर से आश्वासन मिला है, लेकिन अन्य मांगों पर सहमति नहीं बनने से किसान पड़ाव स्थल पर डटे हुए हैं। अब आंदोलन की अगली महत्वपूर्ण तारीख 16 सितंबर बताई गई है।
FAQs
1. घड़साना में किसान महापड़ाव क्यों कर रहे हैं?
किसान विशेष गिरदावरी, फसल बीमा क्लेम, सिंचाई पानी और अनूपगढ़ शाखा का पानी रिजर्व करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
2. किसानों और प्रशासन की वार्ता का क्या नतीजा रहा?
वार्ता में सभी मांगों पर सहमति नहीं बनी। विशेष गिरदावरी एक सप्ताह में करवाने का आश्वासन दिया गया।
3. किसान कितने समय के लिए महापड़ाव पर बैठे हैं?
किसानों ने बेमियादी यानी अनिश्चितकालीन महापड़ाव जारी रखने की घोषणा की है।
4. 16 सितंबर को किसानों ने क्या चेतावनी दी है?
किसानों ने मांगों का समाधान नहीं होने पर एसडीएम कार्यालय की चारों ओर से घेराबंदी कर प्रशासन ठप करने की चेतावनी दी है।
5. किसान किन क्षेत्रों से घड़साना पहुंचे?
दी गई जानकारी के अनुसार अनूपगढ़, रामसिंहपुर, खाजूवाला और रावलामंडी सहित विभिन्न क्षेत्रों से किसान घड़साना पहुंचे।




