
खाजूवाला, 28 जून 2026। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 28 जून 2026 (रविवार) को राज्यभर में पोलियो रविवार अभियान आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर लेकर जाएं और पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं। यह अभियान भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार
पोस्टर में दिए गए संदेश के अनुसार, भारत पोलियो मुक्त देश है, लेकिन दुनिया के कुछ देशों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आते हैं। ऐसे में संक्रमण के दोबारा फैलने की संभावना को देखते हुए प्रत्येक राष्ट्रीय पोलियो अभियान के दौरान सभी पात्र बच्चों को पोलियो की दवा पिलाना आवश्यक है।
किसे पिलानी है पोलियो की दवा?
- जन्म से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को।
- चाहे बच्चे ने पहले पोलियो की सभी खुराक ले रखी हो, फिर भी राष्ट्रीय अभियान के दौरान दवा अवश्य पिलाएं।
- स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हर अभियान में पोलियो की खुराक देना बच्चे की अतिरिक्त सुरक्षा के लिए जरूरी है।
पोलियो क्या है?
पोलियो एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करती है। यह वायरस शरीर के तंत्रिका तंत्र पर हमला कर सकता है और गंभीर मामलों में स्थायी लकवा (पैरालिसिस) का कारण बन सकता है। कई मामलों में यह बीमारी जीवनभर की विकलांगता का कारण भी बन सकती है।
पोलियो से बचाव कैसे संभव है?
पोलियो से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय-समय पर पोलियो की खुराक दिलाना है। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का उद्देश्य यही है कि किसी भी बच्चे की सुरक्षा में कोई कमी न रह जाए।
अभिभावकों से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने सभी माता-पिता और अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर लेकर जाएं और निर्धारित समय पर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। यदि किसी कारणवश जानकारी न हो तो आशा कार्यकर्ता, एएनएम या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण बातें
- अभियान की तिथि: 28 जून 2026 (रविवार)
- लाभार्थी: 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चे
- दवा: पोलियो की दो बूंद
- आयोजक: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
- स्थान: सभी जिलों के पोलियो बूथ
निष्कर्ष
पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव केवल जागरूकता और समय पर टीकाकरण से ही संभव है। प्रत्येक अभिभावक का दायित्व है कि वह अपने बच्चों को पोलियो अभियान के दौरान दो बूंद दवा अवश्य पिलाए। आइए, हम सभी मिलकर भारत को हमेशा के लिए पोलियो मुक्त बनाए रखने में अपना योगदान दें।




