

रावला वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: 10,500 लीटर कच्ची शराब का लाहण नष्ट, अवैध कारोबारियों पर कसा शिकंजा
रावला क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन भूमि पर चल रही अवैध गतिविधियों पर प्रभावी प्रहार किया। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कुल 10,500 लीटर कच्ची शराब का लाहण बरामद किया, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई वन भूमि के 1 केपीडी क्षेत्र तथा नहरी 365 हेड क्षेत्र में की गई। अधिकारियों ने बताया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो इस लाहण से बड़ी मात्रा में अवैध शराब तैयार की जा सकती थी।
कहां-कहां हुई कार्रवाई?
वन विभाग की टीम ने दो प्रमुख स्थानों पर छापेमारी की—
- 1 केपीडी वन क्षेत्र से लगभग 500 लीटर कच्चा लाहण बरामद।
- नहरी 365 हेड क्षेत्र से करीब 10,000 लीटर कच्चा लाहण बरामद।
दोनों स्थानों से कुल 10,500 लीटर लाहण जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
वन विभाग की टीम ने निभाई अहम भूमिका
कार्रवाई के दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध शराब निर्माण की तैयारियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। विभाग का उद्देश्य वन भूमि पर होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है।
अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप
इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी वन भूमि पर अवैध शराब निर्माण, लकड़ी कटाई या अन्य अवैध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
निष्कर्ष
रावला वन विभाग की यह कार्रवाई अवैध शराब कारोबार पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है। समय रहते 10,500 लीटर कच्चे लाहण को नष्ट कर संभावित अवैध शराब निर्माण को रोका गया, जिससे कानून व्यवस्था और वन संरक्षण दोनों को मजबूती मिली।
FAQ
1. कार्रवाई किस विभाग ने की?
रावला वन विभाग ने।
2. कुल कितना लाहण बरामद हुआ?
10,500 लीटर।
3. लाहण कहां-कहां से मिला?
1 केपीडी वन क्षेत्र और नहरी 365 हेड क्षेत्र से।
4. बरामद लाहण का क्या किया गया?
मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
5. कार्रवाई का उद्देश्य क्या था?
वन भूमि पर अवैध शराब निर्माण रोकना और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना।
6. क्या अभियान आगे भी जारी रहेगा?
वन विभाग के अनुसार ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
7. आमजन क्या करें?
अवैध गतिविधियों की सूचना संबंधित विभाग को दें।
8. इस कार्रवाई से क्या प्रभाव पड़ा?
अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया।






