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18 जुलाई 2026 को खाजूवाला कृषि उपज मंडी में विभिन्न फसलों की नीलामी पूरी हुई। आज सरसों में मजबूती जारी रही, जबकि ग्वार, गेहूं और चना के भाव भी किसानों के लिए संतोषजनक रहे।

आईजीएनपी (इंदिरा गांधी नहर परियोजना) के सिंचाई रेगुलेशन को 4 की बजाय 2 ग्रुप के आधार पर लागू करने तथा अनूपगढ़ शाखा में बैलेंस पानी की मांग को लेकर 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) सुबह 11:00 बजे व्यापार मंडल, घड़साना में किसान, मजदूर एवं व्यापारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

राजस्थान में कृषि क्षेत्र को आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्राकृतिक खेती, कृषि तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 32 समझौते किए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने, नई तकनीकों को बढ़ावा देने और टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करना है।

भारत में आधुनिक खेती की दिशा तेजी से बदल रही है। ड्रोन तकनीक अब केवल बड़े किसानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि फसलों की निगरानी, उर्वरक एवं कीटनाशक के सटीक छिड़काव और लागत कम करने का प्रभावी साधन बनती जा रही है। सरकार और निजी क्षेत्र भी कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं।

पानी की कमी आज खेती की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। ऐसे समय में ड्रिप सिंचाई किसानों के लिए कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली आधुनिक तकनीक बन चुकी है। जानिए इसके फायदे, लागत, सब्सिडी और सही उपयोग की पूरी जानकारी।

जैविक खेती आज किसानों के लिए कम लागत, बेहतर उत्पादन और सुरक्षित कृषि का बेहतरीन विकल्प बन चुकी है। यदि आप रासायनिक खेती से हटकर प्राकृतिक और टिकाऊ खेती अपनाना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका है।

खाजूवाला की क्रय-विक्रय सहकारी समिति में यूरिया और DAP खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। भीड़ के कारण किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

अनूपगढ़ शाखा से जुड़े किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। 23 जुलाई 2026, गुरुवार को शाम 6 बजे सिंचाई पानी छोड़ा जाएगा। किसानों से समय रहते खेतों की तैयारी पूरी करने की अपील की गई है।