मुख्य बात: वार्ता में सहमति नहीं बनी, किसानों ने महापड़ाव जारी रखने का फैसला किया।
श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। खेत बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर हजारों किसानों ने गुरुवार को एसडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू कर दिया। किसान देर रात तक पड़ाव स्थल पर डटे रहे। इस दौरान किसान प्रतिनिधिमंडल और अधिकारियों के बीच वार्ता भी हुई, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन पाई।
मुख्य बातें
- घड़साना एसडीएम कार्यालय के सामने किसानों का अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू।
- खेत बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर हजारों किसान पहुंचे।
- किसानों और अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में सहमति नहीं बनी।
- एडीएम सुभाष कुमार ने एक सप्ताह में पूरी गिरदावरी करवाने का आश्वासन दिया।
- किसानों ने 16 सितंबर को एसडीएम कार्यालय की घेराबंदी की चेतावनी दी।
क्या हुआ
खेत बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर हजारों किसानों ने घड़साना एसडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन महापड़ाव डाल दिया। आंदोलन में शामिल किसान देर रात तक पड़ाव स्थल पर मौजूद रहे। किसानों की ओर से सिंचाई पानी और फसलों से जुड़ी कई मांगें अधिकारियों के सामने रखी गई हैं।
मुख्य जानकारी
किसानों की मांग है कि सिंचाई पानी की कमी से बर्बाद हुई खरीफ फसल की क्रॉप कटिंग करवाकर विशेष गिरदावरी करवाई जाए। इसके साथ ही फसल बीमा योजना में क्लेम का भुगतान, अनूपगढ़ शाखा का पानी रिजर्व करने और आईजीएनपी का छह माह का रेगुलेशन एक साथ जारी करने की मांग रखी गई है। किसान सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर हनुमानगढ़ प्रदीप रस्तोगी और एडिशनल चीफ इंजीनियर सुनील कटारिया के स्थानांतरण की मांग भी कर रहे हैं।
इसी बीच किसान प्रतिनिधिमंडल की अधिकारियों से वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। वार्ता में श्रीगंगानगर के एडीएम सुभाष कुमार ने क्रॉप कटिंग करवाकर पूरी गिरदावरी एक सप्ताह में करवाने का आश्वासन दिया। अन्य मांगों को जिला कलेक्टर और राज्य सरकार को भेजकर समाधान करवाने की बात कही गई।
स्थानीय प्रभाव
महापड़ाव का मुख्य केंद्र घड़साना एसडीएम कार्यालय है। आंदोलन में हजारों किसानों की भागीदारी बताई गई है और किसानों ने मांगों का समाधान होने तक पड़ाव जारी रखने का निर्णय लिया है। सिंचाई पानी की कमी, खरीफ फसल की गिरदावरी और फसल बीमा क्लेम जैसे मुद्दे आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
लोगों के लिए जरूरी जानकारी
फिलहाल किसानों और अधिकारियों के बीच हुई वार्ता से अंतिम सहमति नहीं बनी है। प्रशासन की ओर से एक सप्ताह में क्रॉप कटिंग के बाद पूरी गिरदावरी करवाने का आश्वासन दिया गया है। बाकी मांगों को उच्च स्तर पर भेजकर समाधान करवाने की बात कही गई है।
आगे क्या
किसानों ने अनिश्चितकालीन महापड़ाव जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 16 सितंबर को एसडीएम कार्यालय की घेराबंदी की जाएगी। ऐसे में अब आगे की स्थिति प्रशासन की कार्रवाई और किसानों की मांगों पर होने वाले निर्णय पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
घड़साना में किसानों का आंदोलन फिलहाल जारी है। पहली वार्ता में सहमति नहीं बनने के बाद किसानों ने महापड़ाव समाप्त नहीं किया है। प्रशासन ने गिरदावरी को लेकर आश्वासन दिया है, जबकि अन्य मांगों को जिला कलेक्टर और राज्य सरकार तक भेजने की बात कही गई है। अब 16 सितंबर से पहले होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।
FAQs
1. घड़साना में किसान महापड़ाव कहां चल रहा है?
किसानों ने घड़साना एसडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू किया है।
2. किसान किस संगठन के आह्वान पर जुटे हैं?
किसान खेत बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर महापड़ाव में शामिल हुए हैं।
3. किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
प्रमुख मांगों में विशेष गिरदावरी, फसल बीमा क्लेम भुगतान, अनूपगढ़ शाखा का पानी रिजर्व करना और आईजीएनपी का छह माह का रेगुलेशन एक साथ जारी करना शामिल है।
4. प्रशासन ने क्या आश्वासन दिया है?
एडीएम सुभाष कुमार ने क्रॉप कटिंग करवाकर एक सप्ताह में पूरी गिरदावरी करवाने का आश्वासन दिया है।
5. किसानों ने 16 सितंबर के लिए क्या चेतावनी दी है?
किसानों ने मांगों का समाधान नहीं होने पर 16 सितंबर को एसडीएम कार्यालय की घेराबंदी करने की चेतावनी दी है।




