मुख्य बात: वार्ता में सहमति नहीं बनी, किसानों ने 16 सितंबर को घेराबंदी की चेतावनी दी।
घड़साना (श्रीगंगानगर) में खेत बचाओ और संघर्ष समिति के आह्वान पर हजारों किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू कर दिया। किसान सुबह से ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर धान मंडी में जुटने लगे और करीब चार घंटे तक सभा चली। इसके बाद किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई, लेकिन सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
मुख्य बातें
- हजारों किसानों ने घड़साना एसडीएम कार्यालय के सामने महापड़ाव डाला।
- किसान सुबह से ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ धान मंडी पहुंचने लगे थे।
- धान मंडी में करीब चार घंटे तक किसानों की सभा चली।
- अधिकारियों और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता में सहमति नहीं बनी।
- किसानों ने 16 सितंबर को एसडीएम कार्यालय की घेराबंदी की चेतावनी दी है।
क्या हुआ
किसान सिंचाई पानी की कमी से बर्बाद हुई खरीफ की फसलों की विशेष गिरदावरी करवाने, फसल बीमा योजना में क्लेम भुगतान, अनूपगढ़ शाखा का पानी रिजर्व करने और आईजीएनपी का छह माह का रेगुलेशन एक साथ जारी करने सहित अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसके साथ सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर हनुमानगढ़ प्रदीप रस्तोगी और एडिशनल चीफ इंजीनियर सुनील कटारिया के स्थानांतरण की मांग भी की जा रही है।
मुख्य जानकारी
किसानों के प्रतिनिधिमंडल की अधिकारियों के साथ वार्ता हुई। वार्ता में श्रीगंगानगर के एडीएम सुभाष कुमार ने क्रॉप कटिंग करवाकर पूरी गिरदावरी एक सप्ताह में करवाने का आश्वासन दिया। अन्य तीन मांगों के संबंध में जिला कलेक्टर और राज्य सरकार को मामला भेजकर समाधान करवाने की बात कही गई। इसके बावजूद वार्ता में पूरी सहमति नहीं बन पाई और किसानों ने अपना महापड़ाव जारी रखा।
स्थानीय प्रभाव
सभा के दौरान किसानों ने नहरों में अपेक्षित सिंचाई पानी नहीं मिलने के लिए राज्य सरकार और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार बताया। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की अनदेखी के कारण खरीफ की फसलों को नुकसान हुआ और इसी कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। करीब चार घंटे की सभा के बाद किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए महापड़ाव शुरू कर दिया।
लोगों के लिए जरूरी जानकारी
किसानों का आंदोलन फिलहाल जारी है। वार्ता के दौरान गिरदावरी को लेकर एक सप्ताह में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, जबकि अन्य मांगों को जिला कलेक्टर और राज्य सरकार तक भेजकर समाधान करवाने की बात कही गई है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
आगे क्या
किसानों ने पड़ाव जारी रखते हुए 16 सितंबर को एसडीएम कार्यालय की घेराबंदी करने की चेतावनी दी है। ऐसे में अब आंदोलन की आगे की स्थिति अधिकारियों और सरकार के स्तर पर किसानों की मांगों को लेकर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी। किसान देर रात तक पड़ाव स्थल पर डटे हुए थे।
निष्कर्ष
घड़साना में सिंचाई पानी, गिरदावरी, फसल बीमा क्लेम और आईजीएनपी रेगुलेशन सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन महापड़ाव में बदल गया है। अधिकारियों से हुई वार्ता में सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बनने के कारण किसानों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है और 16 सितंबर को एसडीएम कार्यालय की घेराबंदी की चेतावनी दी है।
FAQs
1. घड़साना में किसान महापड़ाव क्यों कर रहे हैं?
किसान सिंचाई पानी, विशेष गिरदावरी, फसल बीमा क्लेम, अनूपगढ़ शाखा के पानी और आईजीएनपी रेगुलेशन सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
2. किसानों और अधिकारियों की वार्ता का क्या परिणाम रहा?
वार्ता हुई, लेकिन सभी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई और किसानों ने महापड़ाव जारी रखा।
3. गिरदावरी को लेकर क्या आश्वासन दिया गया?
श्रीगंगानगर के एडीएम सुभाष कुमार ने क्रॉप कटिंग करवाकर पूरी गिरदावरी एक सप्ताह में करवाने का आश्वासन दिया।
4. किसानों ने अगला कदम क्या बताया है?
किसानों ने पड़ाव जारी रखते हुए 16 सितंबर को एसडीएम कार्यालय की घेराबंदी करने की चेतावनी दी है।
5. किसान सभा कहां आयोजित हुई?
किसान सुबह से ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ धान मंडी में जुटे और वहां करीब चार घंटे तक सभा चली। इसके बाद किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे।




