मुख्य बात: लूणखां में 1500 से अधिक पशुओं का टीकाकरण, 170 ग्रामीणों को भी वैक्सीन।
बीकानेर के खाजूवाला क्षेत्र के छतरगढ़ इलाके के लूणखां गांव में पागल कुत्ते के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कुत्ते के काटने से अब तक 3 गाय और 1 भेड़ की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से अधिक पशुओं में रेबीज संक्रमण का खतरा बताया जा रहा है। घटना के बाद पशुपालन विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं तथा पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।
मुख्य बातें
- लूणखां गांव में पागल कुत्ते के आतंक से ग्रामीण चिंतित हैं।
- कुत्ते के काटने से 3 गाय और 1 भेड़ की मौत हो चुकी है।
- 1500 से अधिक पशुओं में रेबीज संक्रमण का खतरा बताया गया है।
- 1500 से अधिक पशुओं का टीकाकरण शुरू किया गया है।
- करीब 170 ग्रामीणों को रेबीज वैक्सीन लगाई गई है।
क्या हुआ
लूणखां गांव में पागल कुत्ते के काटने की घटना के बाद पशुओं में रेबीज संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुत्ते के काटने से 3 गाय और 1 भेड़ की मौत हो चुकी है। इसके बाद बड़ी संख्या में अन्य पशुओं के संक्रमण की चपेट में आने के खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग और प्रशासन सक्रिय हुआ है।
मुख्य जानकारी
पशुपालन विभाग की टीम ने गांव में 1500 से अधिक पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया है। जिन पशुओं को संदिग्ध माना जा रहा है, उन्हें वैक्सीनेशन के साथ आइसोलेशन में रखा जा रहा है। इसका उद्देश्य संदिग्ध पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखना है। दूसरी ओर करीब 170 ग्रामीणों को भी रेबीज वैक्सीन लगाई गई है।
स्थानीय प्रभाव
घटना का सीधा असर लूणखां गांव के ग्रामीणों और पशुपालकों पर दिखाई दे रहा है। चार पशुओं की मौत और बड़ी संख्या में पशुओं पर बताए जा रहे संक्रमण के खतरे के कारण चिंता बनी हुई है। खास तौर पर पशुओं के दूध का सेवन करने वाले ग्रामीणों में भी चिंता बढ़ी है। इसी बीच विभाग द्वारा बड़े स्तर पर टीकाकरण किए जाने से गांव में कार्रवाई जारी है।
लोगों के लिए जरूरी जानकारी
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक संदिग्ध पशुओं को वैक्सीनेशन के साथ आइसोलेशन में रखा जा रहा है। करीब 170 ग्रामीणों को रेबीज वैक्सीन लग चुकी है। घटना से जुड़े पशुओं और उनके दूध को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। फिलहाल पशुपालन विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं और पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है।
आगे क्या
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई 1500 से अधिक पशुओं का टीकाकरण और संदिग्ध पशुओं को आइसोलेशन में रखना है। पशुपालन विभाग की टीम इस प्रक्रिया में जुटी हुई है। प्रशासन भी घटना के बाद अलर्ट मोड पर है। उपलब्ध जानकारी में आगे की कार्रवाई या टीकाकरण पूरा होने की समय-सीमा नहीं बताई गई है।
निष्कर्ष
लूणखां गांव में पागल कुत्ते के काटने से 3 गाय और 1 भेड़ की मौत के बाद स्थिति को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। 1500 से अधिक पशुओं में रेबीज संक्रमण का खतरा बताया गया है। विभाग ने पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया है और करीब 170 ग्रामीणों को भी रेबीज वैक्सीन लगाई गई है।
FAQs
लूणखां गांव में कितने पशुओं की मौत हुई है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार 3 गाय और 1 भेड़ की मौत हुई है।
कितने पशुओं में रेबीज संक्रमण का खतरा बताया गया है?
1500 से अधिक पशुओं में रेबीज संक्रमण का खतरा बताया जा रहा है।
क्या पशुओं का टीकाकरण शुरू हो गया है?
हां, पशुपालन विभाग की टीम ने 1500 से अधिक पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया है।
संदिग्ध पशुओं के लिए क्या किया जा रहा है?
संदिग्ध पशुओं को वैक्सीनेशन के साथ आइसोलेशन में रखा जा रहा है।
कितने ग्रामीणों को रेबीज वैक्सीन लगाई गई है?
करीब 170 ग्रामीणों को रेबीज वैक्सीन लगाई गई है।




